नवजात शिशु उल्टी करे तो क्या करें?HealthPlanet

Posted on Wed 19th Oct 2022 : 10:03

शिशु को जलनियोजित रखें
जब आपका शिशु उल्टी करता है तो वह बहुमूल्य द्रवों को गंवा रहा है। उनकी पूर्ति करना जरुरी है ताकि वह निर्जलित नहीं हो। इसके लिए आप शिशु को ओरल रीहाइड्रेशन सोल्यूशन (ओरआरएस) की घूंट पिलाएं या चम्मच से इसे पिलाएं। एक घंटे में कई बार ऐसा करें, साथ ही उसका सामान्य स्तनदूध या फुल स्ट्रेन्थ फॉर्मूला दूध और पानी पिलाना भी जारी रखें। हालांकि, ऐसा करने से पहले डॉक्टर से पूछ लें। शिशु को फलों का रस या सोडायुक्त पेय पदार्थ नहीं दें।

पुरानी दिनचर्या में लौटने में उसकी सहायता करें
अनन्य स्तनपान करने वाले शिशु को ज्यादा बार स्तनपान करवाएं। फॉर्मूला दूध पीने वाले शिशु नियमित फॉर्मूला दूध के साथ-साथ उबालकर ठंडा किया गया पानी भी पी सकते हैं।

यदि आपके शिशु ने पिछले चार से छह घंटे में उल्टी नहीं की है, और वह ठोस आहार खाता है तो आप उसे सामान्य आहार देना शुरु कर सकती हैं। एक बार में थोड़ी मात्रा में ही भोजन खिलाएं। लेकिन उसको भरपूर मात्रा में तरल पदार्थ देती रहें।

आसानी से हजम होने वाले पदार्थो जैसे पानी वाले चावल, मूंग दाल की खिचड़ी, हल्के क्लीयर सूप और दही से शुरुआत कर सकती हैं। पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ देकर उसे जलनियोजित रखें। वैरायटी देने के लिए आप शिशु को नारियल पानी, छाछ, लस्सी, जौं का पानी, नींबू पानी या कुछ घूंट सौंफ या अजवायन का पानी भी दे सकती हैं।

यदि आपका शिशु 12 महीने से बड़ा है, तो आप उसके लिए क्लीयर लिक्विड या प्यूरी का इस्तेमाल करके आइस लॉली बना सकती हैं।

यदि आपके शिशु को दस्त भी हो, तो आप उसके भोजन में थोड़ा मक्खन (बटर), तेल या घी डाल सकती हैं। इससे शिशु की आंतों को पोषण मिलेगा, साथ ही अतिरिक्त कैलोरी उसे ठीक होने में मदद करेगी।

आराम करने में उसकी मदद करें
नींद भी आपके शिशु को व्यवस्थित होने में मदद कर सकती है। नींद में अक्सर पेट आंत में खाली हो जाता है, जिससे उसे उल्टी करने की जरुरत महसूस नहीं होती।

अपने बच्चे को मिचली-रोधक दवाएं (डॉक्टर द्वारा लिखी हुई या बिना डॉक्टरी पर्ची वाली) नहीं दें, जब तक कि आपके डॉक्टर ने उनका निर्देश नहीं दिया हो।

परिवार के सदस्य और दोस्त शिशु को उल्टी से राहत दिलाने के लिए जन्म घुट्टी या कोई अन्य हर्बल उपचार देने की सलाह दे सकते हैं। मगर, बेहतर है कि आप इनमें सावधानी बरतें। इनमें से कई उपचार, नन्हें शिशुओं के लिए उचित नहीं होते।

यदि आपका बच्चा डे केयर सेंटर या क्रेश में जाता है, तो आखिरी बार उल्टी होने के बाद उसे कम से कम 48 घंटे तक घर में ही रखें।
क्या शिशु को दूध उलटने या उल्टी करने से रोकने के लिए मैं कुछ कर सकती हूं?
आप शायद हमेशा शिशु को उन बीमारियों से नहीं बचा सकती जो शिशु की उल्टी की वजह होती हैं। मगर कुछ उपाय काम आ सकते हैं:

यदि शिशु स्तनपान के बाद दूध उलटता है, तो उसे स्तनपान के दौरान ही ज्यादा बार डकार दिलाएं।

यदि शिशु फॉर्मूला दूध पीता है, तो सुनिश्चित करें कि बोतल में निप्पल का छेद ज्यादा बड़ा न हो।

दूध पीने के ठीक बाद शिशु को अपने घुटनों पर न उछालें, उछलने वाली कुर्सी पर ​न बिठाएं या बहुत ज्यादा सक्रिय न होने दें। भोजन को पेट में समायोजित होने के लिए समय चाहिए होता है। खाना खाने के बाद आधे घंटे तक शिशु को सीधा रखने से मदद मिल सकती है।

चलती कार में सफर के दौरान होने वाली मिचली को कम करने के लिए, बीच-बीच में कई बार रुकें, ताकि शिशु केा ताजा हवा मिल सके और उसके पेट को आराम मिले। यदि शिशु ठोस आहार खाता है, तो उसे यात्रा शुरु करने से पहले थोड़ी मात्रा में सेहतमंद स्नैक्स दे दें। पेट थोड़ा भरा होने से मदद मिलेगी। साथ ही उसे ज​लनियोजित रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ दें।

समय-समय पर थोड़ी-थोड़ी मात्रा में स्तनपान या भोजन करवाने से कई बार उल्टी कम करने में मदद मिल सकती है। आप भी यह आजमाकर देख सकती हैं।

हमेशा शिशु की वजन वृद्धि पर नजर रखें। इससे पता चल सकेगा कि शिशु का जितना विकास होना चाहिए, उतना हो रहा है।

यदि आपको लगे कि शिशु को स्तनपान में दिक्कत हो रही है, दूध पीते समय दर्द हो रहा हो या अपनी कमर चापाकार में कर रहा हो, तो इस बारे में डॉक्टर को बताएं। यह किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है, जिसमें जांच की जरुरत हो।

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